पहले कब-कब हुई हैं अयोध्या मामले को बातचीत से सुलझाने की कोशिशें?

NewsBytes reports:

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला किया कि स्थाई समाधान के लिए इस विवाद को आपसी सहमति (मध्यस्थता) के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति बनाई है। पूर्व न्यायाधीश खलीफुल्ला इस समिति के चेयरमैन होंगे। इसके अलावा श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू समिति के सदस्य होंगे। सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता प्रक्रिया की निगरानी करेगा और यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

 
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